अर्जुन रेड्डी की हिंदी रीमेक फिल्म कबीर सिंह से शाहिद कपूर का लुक सोशल मीडिया पर लीक हो गया है. शाहिद कपूर के एक फैन पेज पर उनकी तस्वीर शेयर की जा रही है. फिल्म में कियारा आडवाणी फीमेल लीड रोल प्ले करती नजर आएंगी. बात करें वायरल हो रही शाहिद कपूर की तस्वीर की तो वह शॉर्ट जींस पहने हैं जिस पर उन्होंने बेल्ट नहीं पहनी हुई है. हवाई चप्पल पहने शाहिद ने बाल और दाड़ी बढ़ा रखी है.
शाहिद ने हाल ही में कहा था कि वह घनी दाड़ी बढ़ा रहे हैं क्योंकि ऑरिजनल फिल्म का हिस्सा रहे विजय देवराकोंडा ने भी दाड़ी रखी थी. फिलहाल शाहिद की अगली फिल्म का इंतजार कर रहे फैन्स को उनकी अगली फिल्म का लुक जरूर मिल गया है. असल में दाड़ी के अलावा उन्होंने अपनी फिजीक में भी काफी बदलाव किया है. तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि काफी मस्कुलर बॉडी वाले शाहिद ने मसल्स लूज किए हैं.
वास्तविक फिल्म में लीड रोल प्ले करने वाले विजय शाहिद का लुक देखने को लेकर काफी उत्साहित हैं. टाइम्स से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं हिंदी और तमिल दोनों वर्जन देखने को लेकर उत्साहित हूं. यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि ठीक वैसी ही कहानी के साथ शाहिद क्या कुछ करेंगे. मैं देखना चाहता हूं कि वह चीजों को किस तरह से अलग बनाने का प्रयास करेंगे."
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्त मंत्री अल्ताफ बुखारी प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं. बुधवार को उन्होंने मीडिया से कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को जल्द कोई 'अच्छी' खबर मिलेगी क्योंकि पीडीपी, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस में सरकार बनाने को लेकर शिद्दत से बात चल रही है.
बुखारी ने बुधवार को 'आजतक' से सरकार बनाने को लेकर कहा, 'प्रदेश के लोगों की रक्षा के लिए हमलोग एक साथ आ रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस पर राजी हैं.'
अल्ताफ बुखारी का पूरा नाम सैयद अल्ताफ बुखारी है जो फिलहाल जम्मू-कश्मीर के अमिरा कदल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वे पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं. पूर्व में पीडब्लूडी मंत्री रहे अल्ताफ बुखारी वित्त मंत्री भी रह चुके हैं. पिछली पीडीपी-बीजेपी सरकार में वित्त मंत्री रहे हसीब द्राबू को कश्मीर पर विवादित बयान देने के कारण मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हटा दिया था. द्राबू के हटने के बाद अल्ताफ बुखारी को अंतरिम वित्त मंत्री बनाया गया था.
बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए बुखारी ने कहा, 'धारा 370 और 35ए हमारे लिए अहम मुद्दे हैं. यह सबकुछ (सरकार बनाने की कोशिश) इसे बचाने के लिए हो रहा है.' बुखारी के इस बयान से साफ है कि संभावित पीडीपी-कांग्रेस-एनसी गठबंधन बीजेपी के उस एजेंडे के खिलाफ चलेगा जिसमें धारा 370 और 35ए समाप्त करने की सुगबुगाहट सुनाई पड़ती है.
Thursday, November 22, 2018
Monday, November 5, 2018
इंदौर की 9 और गोविंदपुरा सीट पर घोषणा बाकी
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सोमवार को 17 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इसमें भी इंदौर की सभी नौ और भोपाल की गोविंदपुरा सीट पर उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। भाजपा ने पहली सूची में 176 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया था। इस तरह भाजपा अब तक 193 प्रत्याशियों के नाम तय कर चुकी है।
इन 5 विधायकोंं के टिकट कटे : दूसरी सूची में पांच मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। इनमें चंद्रशेखर देशमुख (मुलताई), जसवंत सिंह हाड़ा (शुजालपुर), मुकेश पंड्या (बड़नगर), पंडित सिंह धुर्वे (बिछिया) और वीर सिंह पंवार (कुरवाई) के नाम शामिल हैं।
37 सीटों पर नाम तय होना बाकी: पार्टी को अभी 37 सीटों पर नामों का ऐलान करना है। इनमें इंदौर की क्षेत्र क्रमांक एक से पांच, महू, राऊ, देपालपुर और सांवेर की सीट शामिल है। भोपाल की गोविंदपुरा सीट पर भी पार्टी अभी तक उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर 10 बार से विधायक हैं। गौर ने बताया, "मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का शनिवार को उनके पास फोन आया था। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि वे पार्टी में बात करेंगे। मैंने उनसे कह दिया है कि अब सब आपके हाथ में हैं।" उन्होंने कहा कि सोमवार या मंगलवार को कृष्णा गौर पहले पर्चा भरेंगी। इसके एक-दो दिनों बाद वे हुजूर से पर्चा दाखिल करेंगे।
सुमित्रा-कैलाश की वजह से इंदौर की सीटें अटकीं: ऐसा कहा जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटों के टिकट के लिए अड़ गए हैं। दोनों इंदौर की एक सीट चाहते हैं। फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर छोड़ दिया गया है।
नई दिल्ली/भोपाल. भाजपा ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची शुक्रवार को जारी कर दी। इसमें 176 उम्मीदवारों के नाम हैं। पहले 177 नामों की सूची जारी की गई थी, जिसमें 6 घंटे बाद संशोधन किया गया और घट्टिया सीट को रोका गया। 3 मंत्रियों समेत 33 विधायकों के टिकट काटे गए हैं। वहीं, 2013 के चुनाव में हार चुके कुछ नेताओं को भी मौका दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की गोविंदपुरा सीट और पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सीट महू का इस सूची में जिक्र नहीं है। मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। 54 उम्मीदवारों की दूसरी सूची कुछ दिनों बाद जारी होगी। इस बीच, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस छोड़ दी। वे भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें भी टिकट मिलने के आसार हैं।
तीन मंत्रियों को टिकट नहीं, इनमें से दो के बेटे को बनाया उम्मीदवार
माया सिंह का ग्वालियर पूर्व से टिकट कट गया है। वे शिवराज सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री हैं। उनकी जगह सतीश सिकरवार को टिकट दिया गया है। सतीश सुमावली सीट से मौजूदा विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार के भाई हैं। सुमावली से सत्यपाल सिंह का टिकट कट गया है।
वन मंत्री रहे गौरीशंकर शेजवार की जगह सांची से उनके बेटे मुदित शेजवार को उम्मीदवार बनाया गया है।
रामपुर बाघेलान से विधायक और मंत्री हर्ष सिंह का टिकट काटा गया है। उनकी जगह बेटे विक्रम सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।
व्यापमं घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई उमाकांत को सिरोंज से टिकट दिया गया है।
देवास-शाजापुर से सांसद मनोहर ऊंटवाल को आगर से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, पन्ना-खजुराहो सीट से सांसद नागेंद्र सिंह को नागौद से टिकट दिया गया है।
इन 5 विधायकोंं के टिकट कटे : दूसरी सूची में पांच मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। इनमें चंद्रशेखर देशमुख (मुलताई), जसवंत सिंह हाड़ा (शुजालपुर), मुकेश पंड्या (बड़नगर), पंडित सिंह धुर्वे (बिछिया) और वीर सिंह पंवार (कुरवाई) के नाम शामिल हैं।
37 सीटों पर नाम तय होना बाकी: पार्टी को अभी 37 सीटों पर नामों का ऐलान करना है। इनमें इंदौर की क्षेत्र क्रमांक एक से पांच, महू, राऊ, देपालपुर और सांवेर की सीट शामिल है। भोपाल की गोविंदपुरा सीट पर भी पार्टी अभी तक उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर 10 बार से विधायक हैं। गौर ने बताया, "मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का शनिवार को उनके पास फोन आया था। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि वे पार्टी में बात करेंगे। मैंने उनसे कह दिया है कि अब सब आपके हाथ में हैं।" उन्होंने कहा कि सोमवार या मंगलवार को कृष्णा गौर पहले पर्चा भरेंगी। इसके एक-दो दिनों बाद वे हुजूर से पर्चा दाखिल करेंगे।
सुमित्रा-कैलाश की वजह से इंदौर की सीटें अटकीं: ऐसा कहा जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटों के टिकट के लिए अड़ गए हैं। दोनों इंदौर की एक सीट चाहते हैं। फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर छोड़ दिया गया है।
नई दिल्ली/भोपाल. भाजपा ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची शुक्रवार को जारी कर दी। इसमें 176 उम्मीदवारों के नाम हैं। पहले 177 नामों की सूची जारी की गई थी, जिसमें 6 घंटे बाद संशोधन किया गया और घट्टिया सीट को रोका गया। 3 मंत्रियों समेत 33 विधायकों के टिकट काटे गए हैं। वहीं, 2013 के चुनाव में हार चुके कुछ नेताओं को भी मौका दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की गोविंदपुरा सीट और पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सीट महू का इस सूची में जिक्र नहीं है। मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। 54 उम्मीदवारों की दूसरी सूची कुछ दिनों बाद जारी होगी। इस बीच, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस छोड़ दी। वे भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें भी टिकट मिलने के आसार हैं।
तीन मंत्रियों को टिकट नहीं, इनमें से दो के बेटे को बनाया उम्मीदवार
माया सिंह का ग्वालियर पूर्व से टिकट कट गया है। वे शिवराज सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री हैं। उनकी जगह सतीश सिकरवार को टिकट दिया गया है। सतीश सुमावली सीट से मौजूदा विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार के भाई हैं। सुमावली से सत्यपाल सिंह का टिकट कट गया है।
वन मंत्री रहे गौरीशंकर शेजवार की जगह सांची से उनके बेटे मुदित शेजवार को उम्मीदवार बनाया गया है।
रामपुर बाघेलान से विधायक और मंत्री हर्ष सिंह का टिकट काटा गया है। उनकी जगह बेटे विक्रम सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।
व्यापमं घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भाई उमाकांत को सिरोंज से टिकट दिया गया है।
देवास-शाजापुर से सांसद मनोहर ऊंटवाल को आगर से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, पन्ना-खजुराहो सीट से सांसद नागेंद्र सिंह को नागौद से टिकट दिया गया है।
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